PG या Hostel लेते समय ज्यादातर लोग किराया, कमरे का आकार, खाना और लोकेशन देखते हैं। लेकिन एक चीज ऐसी है जिसे नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है—Building की Safety।
खासकर दिल्ली जैसे बड़े शहरों में जहां कई छात्र और नौकरीपेशा लोग PG और निजी हॉस्टल में रहते हैं, वहां कमरा पसंद करने से पहले कुछ जरूरी सुरक्षा चीजें खुद देख लेना समझदारी है।
दिल्ली फायर सर्विस भी इमारतों में आने-जाने के रास्ते और emergency exits को बाधामुक्त रखने तथा fire-fighting equipment को सही स्थिति में रखने पर जोर देती है।
इसलिए PG या Hostel final करने से पहले इन 7 चीजों को जरूर चेक करें।
1. सबसे पहले देखें Emergency Exit कहां है
कमरे में जाने से पहले यह जरूर पता करें कि किसी emergency की स्थिति में बाहर निकलने का रास्ता कौन-सा है।
सिर्फ मुख्य दरवाजा देखकर संतुष्ट न हों। सीढ़ियां कहां हैं, दूसरा exit है या नहीं और रास्ते में कोई सामान तो नहीं रखा है—इन बातों पर ध्यान दें।
दिल्ली फायर सर्विस की guidelines में भी escape routes को साफ और बिना रुकावट रखने की बात कही गई है।
अगर emergency में बाहर निकलने का रास्ता ही मुश्किल है, तो ऐसे PG को लेकर दोबारा सोचें।
2. Fire Extinguisher और Fire Safety जरूर देखें
PG में fire extinguisher लगा है या नहीं, यह जरूर देखें।
सिर्फ extinguisher लगा होना ही काफी नहीं है। यह भी देखें कि वह आसानी से पहुंचने वाली जगह पर है और उसके आसपास सामान रखकर रास्ता बंद तो नहीं किया गया है।
अगर building में fire alarm, smoke detector या अन्य fire-safety व्यवस्था मौजूद है, तो उसके बारे में भी पूछ सकते हैं।
दिल्ली फायर सर्विस के अनुसार fire-fighting equipment को हमेशा काम करने की स्थिति में रखना जरूरी है।
3. Building में Fire Safety Certificate के बारे में पूछें
अगर PG या Hostel बड़ी building में चल रहा है, तो management से पूछें कि उसके पास लागू होने वाला Fire Safety Certificate है या नहीं।
Certificate में building की occupancy और covered premises जैसी जानकारी हो सकती है। उदाहरण के तौर पर दिल्ली सरकार द्वारा जारी एक 2026 Fire Safety Certificate में hostel की मंजूर occupancy और certificate की validity स्पष्ट रूप से दर्ज है।
एक जरूरी बात यह भी है कि Fire Safety Certificate अपने आप में किसी unauthorized construction को legal नहीं बनाता। दिल्ली फायर सर्विस के certificates में इस बात को स्पष्ट किया जाता है।
दिल्ली में हाल ही में हुए हॉस्टल हादसे ने भी Building Safety और प्रशासनिक जिम्मेदारी को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। इस मामले में हाईकोर्ट की सुनवाई और MCD की भूमिका से जुड़ी पूरी जानकारी यहां पढ़ें।
इसलिए सिर्फ certificate का नाम सुनकर पूरी building को सुरक्षित मान लेना सही नहीं है।
4. सीढ़ियों और रास्ते को ध्यान से देखें
PG देखने जाते समय सिर्फ अपने कमरे को न देखें। एक बार building की सीढ़ियों पर भी जरूर जाएं।
देखें कि:
- सीढ़ियां साफ हैं या नहीं
- रास्ते में सामान रखा है या नहीं
- emergency में आसानी से नीचे पहुंच सकते हैं या नहीं
- दरवाजे या रास्ते बंद तो नहीं रहते
- बिजली के तार रास्ते में बिखरे तो नहीं हैं
दिल्ली फायर सर्विस की safety guidance में भी escape routes और stairways को obstruction से मुक्त रखने की सलाह दी गई है।
5. बिजली की Wiring जरूर चेक करें
PG में एक कमरे में कई लोग रहने पर बिजली का इस्तेमाल भी काफी बढ़ जाता है।
कमरा देखने जाएं तो switches, sockets और visible wiring पर नजर डालें।
अगर एक ही socket में कई extension boards लगे हों या wiring बहुत पुरानी और खराब दिखाई दे रही हो, तो management से सवाल जरूर करें।
दिल्ली फायर सर्विस electrical circuits को overload न करने और एक socket में जरूरत से ज्यादा appliances न लगाने की सलाह देती है।
6. Kitchen और LPG की स्थिति देखें
अगर PG में खाना बनाने की सुविधा है तो kitchen को भी जरूर देखें।
Gas cylinder कहां रखा है, चूल्हे की स्थिति कैसी है और खाना बनाने की जगह ventilation वाली है या नहीं—इन चीजों पर ध्यान दें।
दिल्ली फायर सर्विस residential areas के लिए LPG और cooking safety से जुड़ी सावधानियां भी बताती है, जिसमें खाना बनाने के बाद cylinder valve बंद करने और kitchen safety का ध्यान रखने की सलाह शामिल है।
अगर kitchen बहुत छोटा है और वहां gas, electrical appliances तथा ज्वलनशील सामान एक साथ भरा हुआ है, तो अतिरिक्त सावधानी रखें।
7. Building की हालत को बाहर से भी देखें
अंत में building को सिर्फ कमरे के अंदर से नहीं, बल्कि बाहर से भी देखें।
दीवारों पर बड़े cracks, छत या बालकनी की खराब हालत, पानी का लगातार रिसाव या किसी हिस्से में structural damage जैसा कुछ दिखाई दे तो उसे नजरअंदाज न करें।
हालांकि सिर्फ देखकर किसी building को structurally unsafe घोषित नहीं किया जा सकता। अगर आपको कोई गंभीर structural समस्या दिखाई देती है, तो management से इसकी जांच के बारे में पूछना बेहतर है।
किसी भी damaged building में बिना proper inspection के प्रवेश करना जोखिम भरा हो सकता है; दिल्ली सिविल डिफेंस भी damaged structures के मामले में सावधानी और structural inspection की सलाह देता है।
PG लेते समय सिर्फ कमरे की खूबसूरती न देखें
नया paint, अच्छा furniture और कम किराया देखकर PG तुरंत final करना आसान है। लेकिन रहने की जगह चुनते समय safety को सबसे ऊपर रखना चाहिए।
आप चाहें तो room final करने से पहले एक छोटी-सी Safety Checklist बनाकर साथ ले जा सकते हैं।
PG Safety Checklist
Emergency exit देखा
☐ सीढ़ियों का रास्ता साफ है
☐ Fire extinguisher मौजूद है
☐ Fire safety व्यवस्था के बारे में पूछा
☐ बिजली की wiring और sockets देखे
☐ Kitchen और LPG व्यवस्था देखी
☐ Building की बाहरी हालत देखी
इनमें से किसी महत्वपूर्ण point पर संतोषजनक जवाब नहीं मिलता है तो PG final करने से पहले दोबारा सोचें।
PG/Hostel में रहने वालों के लिए एक और जरूरी बात
PG में रहने के बाद भी safety का ध्यान रखना जरूरी है।
Emergency exit के सामने अपना सामान न रखें। एक socket पर बहुत सारे electrical appliances न लगाएं और fire-fighting equipment को किसी सामान से ढकें नहीं।
दिल्ली फायर सर्विस भी occupants को emergency exits को बाधामुक्त रखने और electrical circuits को overload न करने की सलाह देती है।
निष्कर्ष
PG या Hostel चुनते समय सिर्फ किराया, कमरा और लोकेशन देखना काफी नहीं है। Building की safety भी उतनी ही महत्वपूर्ण है।
Emergency exit, fire safety equipment, Fire Safety Certificate, सीढ़ियां, electrical wiring, kitchen और building की overall condition—इन 7 चीजों को check करने में कुछ मिनट लगेंगे, लेकिन ये आपकी सुरक्षा के लिए बेहद जरूरी हो सकते हैं।
अगर building में कोई गंभीर safety concern नजर आए, तो सिर्फ कम किराए की वजह से समझौता करने के बजाय दूसरा विकल्प तलाशना बेहतर है।
रहने के लिए अच्छा कमरा वही है जहां सुविधा के साथ आपकी सुरक्षा का भी ध्यान रखा जाए।

