Thursday, September 10, 2026

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BRICS Summit Delhi 2026: दिल्ली में 12-13 सितंबर को होगा बड़ा सम्मेलन, जानें भारत की भूमिका और अहम मुद्दे

BRICS Summit Delhi 2026: राजधानी दिल्ली इन दिनों एक बड़े अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन की मेजबानी के लिए तैयार है। भारत की अध्यक्षता में 18वां BRICS Summit 12 और 13 सितंबर 2026 को नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में आयोजित किया जाएगा। इस सम्मेलन में BRICS सदस्य देशों के नेताओं के साथ Partner Countries और Outreach Invitees भी शामिल होंगे।

2026 भारत के लिए इसलिए भी खास है क्योंकि देश इस साल चौथी बार BRICS की अध्यक्षता कर रहा है। भारत ने इससे पहले 2012, 2016 और 2021 में BRICS की अध्यक्षता की थी

कब और कहां होगा BRICS Summit 2026?

18वां BRICS Summit 12-13 सितंबर 2026 को भारत मंडपम, नई दिल्ली में होगा।

भारत सरकार ने इस साल BRICS की अध्यक्षता के लिए “Building for Resilience, Innovation, Cooperation and Sustainability” थीम रखी है। इसके साथ “Humanity First” को people-centric approach के रूप में सामने रखा गया है।

भारत के लिए क्यों महत्वपूर्ण है BRICS Summit?

भारत के लिए यह सम्मेलन सिर्फ एक अंतरराष्ट्रीय बैठक नहीं है। यह देश को वैश्विक स्तर पर अपनी प्राथमिकताएं रखने और BRICS देशों के साथ सहयोग बढ़ाने का बड़ा मौका देता है।

भारत की BRICS अध्यक्षता के दौरान राजनीतिक और सुरक्षा, आर्थिक और वित्तीय तथा सांस्कृतिक और people-to-people cooperation से जुड़े क्षेत्रों पर काम किया गया है। सरकारी जानकारी के अनुसार अध्यक्षता के दौरान देशभर के 25 से ज्यादा शहरों में 350 से अधिक बैठकें और high-level engagements आयोजित किए जा चुके हैं।

BRICS Summit में किन मुद्दों पर होगी चर्चा?

इस साल BRICS के एजेंडे में कई अहम वैश्विक और क्षेत्रीय मुद्दे शामिल हैं।

खाद्य और ऊर्जा सुरक्षा, आर्थिक सहयोग, तकनीक, sustainability और वैश्विक संस्थाओं में सुधार जैसे विषयों पर चर्चा महत्वपूर्ण हो सकती है। भारत BRICS के भीतर व्यावहारिक और विकास-केंद्रित सहयोग को आगे बढ़ाने पर जोर दे रहा है।

इसके अलावा मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों को देखते हुए पश्चिम एशिया की स्थिति, व्यापार और वैश्विक आर्थिक सहयोग जैसे मुद्दे भी चर्चा में रह सकते हैं।

BRICS में अब कितने सदस्य देश हैं?

BRICS की शुरुआत Brazil, Russia, India और China के साथ हुई थी और बाद में South Africa इसमें शामिल हुआ।

समय के साथ संगठन का विस्तार हुआ है और अब इसके सदस्य देशों की संख्या पहले के मुकाबले काफी बढ़ चुकी है। 2026 के BRICS कार्यक्रमों में सदस्य देशों के साथ Partner Countries और Outreach Invitees की भागीदारी भी महत्वपूर्ण है।

Xi Jinping की भारत यात्रा पर भी नजर

BRICS Summit से पहले चीन के राष्ट्रपति Xi Jinping की भारत यात्रा को लेकर भी काफी चर्चा है। Reuters के अनुसार Xi की संभावित भारत यात्रा सात साल बाद उनकी पहली यात्रा होगी। हालांकि रिपोर्ट के समय उनकी यात्रा की आधिकारिक पुष्टि चीन की ओर से बाकी थी।

अगर Xi Jinping सम्मेलन में शामिल होते हैं तो भारत-चीन संबंधों के लिहाज से यह मुलाकात काफी महत्वपूर्ण हो सकती है। दोनों देशों के बीच पिछले कुछ वर्षों में सीमा और व्यापार से जुड़े मुद्दों पर तनाव रहा है।

Vladimir Putin के आने की भी चर्चा

रूस के राष्ट्रपति Vladimir Putin के भी BRICS Summit में शामिल होने की उम्मीद है। उनके भारत दौरे और सम्मेलन में भागीदारी पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नजर बनी हुई है।

रूस और भारत के बीच लंबे समय से रणनीतिक और आर्थिक संबंध रहे हैं। ऐसे में BRICS Summit दोनों देशों के लिए आपसी सहयोग के मुद्दों पर बातचीत का अहम मंच बन सकता है।

दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी

BRICS Summit को देखते हुए दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था काफी कड़ी की गई है। रिपोर्टों के मुताबिक करीब 30,000 सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की जा रही है और VIP movement के लिए विशेष security arrangements बनाए गए हैं।

नई दिल्ली के कई महत्वपूर्ण इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई है। विदेशी नेताओं के ठहरने वाले होटलों और उनके आने-जाने वाले रास्तों पर भी विशेष निगरानी रखी जा रही है।

दिल्ली में ट्रैफिक पर भी पड़ेगा असर

BRICS Summit के दौरान विदेशी नेताओं और बड़े प्रतिनिधिमंडलों की आवाजाही के कारण दिल्ली के कई हिस्सों में traffic restrictions और diversions देखने को मिल सकते हैं।

रिपोर्टों के अनुसार सुरक्षा व्यवस्था के लिए कई सुरक्षित travel routes तैयार किए गए हैं और महत्वपूर्ण स्थानों पर सुरक्षा बलों की अतिरिक्त तैनाती की गई है।

दिल्ली में रहने वाले लोगों को इसलिए यात्रा से पहले traffic advisory पर नजर रखना बेहतर रहेगा।

भारत BRICS के जरिए क्या हासिल करना चाहता है?

भारत BRICS को केवल आर्थिक सहयोग के मंच के रूप में नहीं देखता। इसके जरिए developing economies के बीच सहयोग बढ़ाने और वैश्विक संस्थाओं में सुधार की मांग को भी आगे बढ़ाया जा सकता है।

भारत की अध्यक्षता के दौरान resilience, innovation, cooperation और sustainability पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

भारत के लिए यह सम्मेलन अपनी strategic autonomy और Global South में अपनी भूमिका को मजबूत करने का भी अवसर है।

BRICS Summit 2026 में आम लोगों के लिए क्या खास?

BRICS Summit सीधे तौर पर आम लोगों के लिए कोई एक बड़ा policy announcement लेकर आएगा, ऐसा पहले से कहना सही नहीं होगा। लेकिन सम्मेलन में लिए जाने वाले फैसलों का असर भविष्य में व्यापार, ऊर्जा, technology, investment और international cooperation जैसे क्षेत्रों पर पड़ सकता है।

इसके अलावा दिल्ली में इतने बड़े अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन भारत की diplomatic और organisational capabilities को भी सामने रखता है।

BRICS Summit 2026: किन बातों पर रहेगी नजर?

आने वाले दिनों में इन मुद्दों पर सबसे ज्यादा नजर रहेगी:

  • BRICS नेताओं की प्रमुख बैठकें
  • भारत की प्राथमिकताएं
  • भारत-चीन संबंधों पर बातचीत
  • भारत-रूस सहयोग
  • व्यापार और investment से जुड़े फैसले
  • ऊर्जा और food security
  • वैश्विक आर्थिक सहयोग
  • पश्चिम एशिया की स्थिति
  • BRICS के भविष्य और विस्तार से जुड़े मुद्दे

BRICS Summit Delhi 2026: निष्कर्ष

BRICS Summit Delhi 2026 भारत के लिए एक महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय आयोजन है। 12 और 13 सितंबर को नई दिल्ली के भारत मंडपम में होने वाले इस सम्मेलन में BRICS सदस्य देशों के साथ Partner Countries और Outreach Invitees भी हिस्सा लेंगे।

भारत की अध्यक्षता और इस साल की “Building for Resilience, Innovation, Cooperation and Sustainability” थीम सम्मेलन को खास बनाती है।

अब सबसे ज्यादा नजर इस बात पर होगी कि BRICS Summit में वैश्विक अर्थव्यवस्था, व्यापार, ऊर्जा, सुरक्षा और सदस्य देशों के बीच सहयोग को लेकर क्या महत्वपूर्ण फैसले सामने आते हैं।

granthh Singh
Granth Singh एक अनुभवी न्यूज़ राइटर हैं, जो देश-दुनिया, मनोरंजन, राजनीति, टेक्नोलॉजी और ट्रेंडिंग खबरों पर सटीक और आसान भाषा में लेख लिखते हैं। उनका फोकस ताज़ा खबरों, तथ्यात्मक जानकारी और SEO-friendly न्यूज़ कंटेंट उपलब्ध कराने पर है।

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